Best 99+ Gulzar Shayari In Hindi | Gulzar Ki Shayari

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आप जानने वाले हो Best Gulzar Shayari In Hindi. जो आपको कही और नहीं मिलेगी।

जैसा की आप जानते हो की Gulzar Ki Shayari दिल छू लेने वाली होती है। इसलिए हमने आज आपके लिए बहुत ही शानदार Gulzar Ki Shayari लेके आये है।

तो चलिए शुरू करते है Gulzar Ki Shayari.

Gulzar Shayari In Hindi
Gulzar Shayari In Hindi

Best Gulzar Shayari In Hindi

Gulzar Shayari In Hindi
Gulzar Shayari In Hindi

शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आप की कमी सी है. दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है

मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में,
​बस हम गिनती उसी की करते है जो हासिल ना हो सका

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है

Best Gulzar Shayari In Hindi

Gulzar Shayari In Hindi
Gulzar Shayari In Hindi

 

आइना देख कर तसल्ली हुई,
हम को इस घर में जानता है कोई
वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर,
आदत इस की भी आदमी सी है
ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा

Best Gulzar Shayari In Hindi

Gulzar Shayari In Hindi
Gulzar Shayari In Hindi
हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया
आप के बाद हर घड़ी हम ने,
आप के साथ ही गुज़ारी है
फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने कैसी रिहाई दी है

Gulzar Ki Shayari

कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं
अच्छी किताबें और अच्छे लोग, तुरंत समझ में नहीं आते,
उन्हें पढना पड़ता हैं
बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती

Best Gulzar Shayari In Hindi

मैंने दबी आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो?
नज़रें झुका कर वो बोली! बहुत
कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना
मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं

Best Gulzar Shayari In Hindi

बिगड़ैल हैं ये यादे,
देर रात को टहलने निकलती हैं
सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं
उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और,
ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे

Best Gulzar Shayari In Hindi

कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं,
और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता
हम तो अब याद भी नहीं करते,
आप को हिचकी लग गई कैसे?
दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई,
जैसे एहसान उतारता है कोई

Gulzar Ki Shayari

रोई है किसी छत पे, अकेले ही में घुटकर,
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश
दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं
कभी तो चौक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँखों में हमको भी को इंतजार दिखे

Best Gulzar Shayari In Hindi

तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं
वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख के कहीं
शायर बनना बहुत आसान हैं,
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए

Best Gulzar Shayari In Hindi

कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती,
जब तक ख़ुद पर ना गुजरे
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया?
कुछ जख्मो की उम्र नहीं होती हैं,
ताउम्र साथ चलते हैं, जिस्मो के ख़ाक होने तक

Best Gulzar Shayari In Hindi

बेहिसाब हसरते ना पालिये,
जो मिला हैं उसे सम्भालिये
शोर की तो उम्र होती हैं,
ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं
किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत,
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं

Gulzar Ki Shayari

कौन कहता हैं कि हम झूठ नहीं बोलते,
एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें
तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं
कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं, तुम शर्ते बदल देते हो

Best Gulzar Shayari In Hindi

सीने में धड़कता जो हिस्सा हैं,
उसी का तो ये सारा किस्सा हैं
मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को,
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है
सहमा सहमा डरा सा रहता है,
जाने क्यूं जी भरा सा रहता है

Best Gulzar Shayari In Hindi

एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है,
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की
ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में,
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में
जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ,
उस ने सदियों की जुदाई दी है

Best Gulzar Shayari In Hindi

कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है,
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है
आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ए’तिबार किया
रात को चाँदनी तो ओढ़ा दो,
दिन की चादर अभी उतारी है

Gulzar Ki Shayari

ये कैसा रिश्ता हुआ इश्क में वफ़ा का भला,
तमाम उम्र में दो चार छ: गिले भी नहीं
हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं नहीं छोड़ा करते,
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते
थोडा सा हस के थोडा सा रुला के,
पल यही जानेवाले हैं

Best Gulzar Shayari In Hindi

तन्हाई की दीवारों पर घुटन का पर्दा झूल रहा हैं,
बेबसी की छत के नीचे, कोई किसी को भूल रहा हैं
बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला,
जब से डिग्रियां समझ में आयी पांव जलने लगे हैं
ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ,
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं

Best Gulzar Shayari In Hindi

Jyaada Kuchh nahi Badalata Umr Ke Sath, Bas Bachapan Ki Zidd Samjhauto Me Badal Jati Hain..

छोटा सा साया था, आँखों में आया था,
हमने दो बूंदों से मन भर लिया

Chhota Sa Saya Tha, Ankhon Me Aaya Tha. Hamane Do Bundo Se man Bhar Liya..


Best Gulzar Shayari In Hindi

एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा
घर में अपनों से उतना ही रूठो,
कि आपकी बात और दूसरों की इज्जत,
दोनों बरक़रार रह सके
एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं

Gulzar Ki Shayari

सुनो!
जब कभी देख लुं तुमको।
तो मुझे महसूस होता है कि.
दुनिया खूबसूरत है
कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था,
आज की दास्ताँ हमारी है
अपने साए से चौंक जाते हैं,
उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा

Best Gulzar Shayari In Hindi

मैं तेरे इश्क़ की छाँव में जल-जलकर,
काला न पड़ जाऊं कहीं,
तू मुझे हुस्न की धूप का एक टुकड़ा दे
महदूद हैं दुआएँ मेरे अख्तियार में,
हर साँस हो सुकून की तू सौ बरस जिये
तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे
ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,
उसको पढते रहे और जलाते रहे

Best Gulzar Shayari In Hindi

ग़म मौत का नहीं है,
ग़म ये के आखिरी वक़्त भी,
तू मेरे घर नहीं है
मेरे दर्द को भी आह का हक़ हैं,
जैसे तेरे हुस्न को निगाह का हक़ है
मुझे भी एक दिल दिया है भगवान ने,
मुझ नादान को भी एक गुनाह का हक़ हैं
मेरे दिल में एक धड़कन तेरी हैं,
उस धड़कन की कसम तू ज़िन्दगी मेरी है
मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी हैं,
जो कभी सांस जो रुक जाए तो मौत मेरी हैं

Best Gulzar Shayari In Hindi

इस दिल का कहा मनो एक काम कर दो,
एक बे-नाम सी मोहब्बत मेरे नाम करदो
मेरी ज़ात पर फ़क़त इतना अहसान कर दो,
किसी दिन सुबह को मिलो, और शाम कर दो
एक सो सोलह चाँद की रातें ,
एक तुम्हारे कंधे का तिल
गीली मेहँदी की खुश्बू झूठ मूठ के वादे,
सब याद करादो, सब भिजवा दो,
मेरा वो सामान लौटा दो

Gulzar Ki Shayari

ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं,
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं,
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं
कहू क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे है,
क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की,
और कहना कि
कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश,
उनके आँचल का इंतज़ार करती है

Best Gulzar Shayari In Hindi

पलक से पानी गिरा है, तो उसको गिरने दो,
कोई पुरानी तमन्ना, पिंघल रही होगी
आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ऐतबार किया
तेरी राहो में बारहा रुक कर,
हम ने अपना ही इंतज़ार किया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब,
ये गुनाह हम ने एक बार किया
मैंने मौत को देखा तो नहीं,
पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी
कमबख्त जो भी उससे मिलता हैं,
जीना ही छोड़ देता हैं

Best Gulzar Shayari In Hindi

बीच आसमाँ में था बात करते- करते ही,
चांद इस तरह बुझा जैसे फूंक से दिया,
देखो तुम इतनी लम्बी सांस मत लिया करो
देर से गूँजतें हैं सन्नाटे,
जैसे हम को पुकारता है कोई
हवा गुज़र गयी पत्ते थे कुछ हिले भी नहीं,
वो मेरे शहर में आये भी और मिले भी नहीं
उधड़ी सी किसी फ़िल्म का एक सीन थी बारिश,
इस बार मिली मुझसे तो ग़मगीन थी बारिश
कुछ लोगों ने रंग लूट लिए शहर में इस के,
जंगल से जो निकली थी वो रंगीन थी बारिश

Gulzar Ki Shayari

वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी तुम्हारी थी,

हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते..

वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी..

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता

कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

बेशूमार मोहब्बत होगी उस बारिश  की बूँद को इस ज़मीन से,
यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत मे इतना गिर जाता है!


Best Gulzar Shayari In Hindi

आप के बाद हर घड़ी हम ने

आप के साथ ही गुज़ारी है

तुमको ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन,
ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन!
तुम्हे जो याद करता हुँ, मै दुनिया भूल जाता हूँ ।
तेरी चाहत में अक्सर, सभँलना भूल जाता हूँ ।

Best Gulzar Shayari In Hindi

तन्हाई अच्छी लगती है
सवाल तो बहुत करती पर,.
जवाब के लिए
ज़िद नहीं करती..
तुम्हारी ख़ुश्क सी आँखें भली नहीं लगतीं
वो सारी चीज़ें जो तुम को रुलाएँ, भेजी हैं
“खता उनकी भी नहीं यारो वो भी क्या करते,
बहुत चाहने वाले थे किस किस से वफ़ा करते !”

Gulzar Ki Shayari

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।
मोहब्बत आपनी जगह,
नफरत अपनी जगह
मुझे दोनो है तुमसे ..
काँच के पीछे चाँद भी था और काँच के ऊपर काई भी
तीनों थे हम वो भी थे और मैं भी था तन्हाई भी

Best Gulzar Shayari In Hindi

हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,
हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह….!
वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था
मुद्दतें लगी बुनने में ख्वाब का स्वेटर,
तैयार हुआ तो मौसम बदल चूका था!

Best Gulzar Shayari In Hindi

तुम लौट कर आने की तकलीफ़ मत करना,
हम एक ही मोहब्बत दो बार नहीं किया करते!
कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है
तमाशा करती है मेरी जिंदगी,
गजब ये है कि तालियां अपने बजाते हैं!

Best Gulzar Shayari In Hindi

काई सी जम गई है आँखों पर
सारा मंज़र हरा सा रहता है
हाथ छुटे तो भी रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक़्त की शाख से रिश्ते नहीं तोड़ा करते!
 वफा की उम्मीद ना करो उन लोगों से,
जो मिलते हैं किसी और से  होते है किसी और के…!

Gulzar Ki Shayari

उठाए फिरते थे एहसान जिस्म का जाँ पर
चले जहाँ से तो ये पैरहन उतार चले
वो जो उठातें हैं
क़िरदार पर उंगलियां,
तोहफे में उनको
आप आईने दीजिए।
सहर न आई कई बार नींद से जागे
थी रात रात की ये ज़िंदगी गुज़ार चले

Best Gulzar Shayari In Hindi

आज मैंने खुद से एक वादा किया है,
माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है,
हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ,
अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है।
आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं
मेहमाँ ये घर में आएँ तो चुभता नहीं धुआँ
यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

Best Gulzar Shayari In Hindi

आप के बाद हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है
दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई
कोई न कोई रहबर रस्ता काट गया
जब भी अपनी रह चलने की कोशिश की

Gulzar Ki Shayari

कहानी शुरू हुई है तो खतम भी होगी
किरदार गर काबिल हुए तो याद रखे जाएंगे..
मुद्दतें लगी बुनने में ख्वाब का स्वेटर,
तैयार हुआ तो मौसम बदल चूका था!
muddaten lagee bunane mein khvaab ka svetar,
taiyaar hua to mausam badal chooka tha..!!

Best Gulzar Shayari In Hindi

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा।
हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया।
आप के बाद हर घड़ी हम ने,
आप के साथ ही गुज़ारी है।

Best Gulzar Shayari In Hindi

बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती।
सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं।
बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती।

Best Gulzar Shayari In Hindi

मैंने दबी आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो?
नज़रें झुका कर वो बोली! बहुत।
कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना।
हम तो अब याद भी नहीं करते,
आप को हिचकी लग गई कैसे?

Gulzar Ki Shayari

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं।
उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और,
ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे।
तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं।

Best Gulzar Shayari In Hindi

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको,
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया?

इतना क्यों सिखाये

जा रही है ज़िन्दगी

हमें कौन सी सदियाँ

गुज़ारनी है यहाँ

लोग कहते है की

खुश रहो

मगर मजाल है

की रहने दे


Best Gulzar Shayari In Hindi

अफ़सोस बाक़ी ना रहे…

कर जा कुछ ऐसा के जीने का अफसोस बाक़ी ना रह जाए…
कर दिल की हर हसरत पूरी कोई अरमान बाक़ी ना रह जाए…
जिंदगी मे सबको सबकुछ मिले बेशक़ ये ज़रूरी नहीं हैं लेकिन
जो मिला है उसकी भी कहीं कोई चाहत बाक़ी ना रह जाए …
मुसलसल बदलते दौरा से भी मै बख़ूबी वाकिफ़ हूँ “निश़ात”
सँभलना कहीं कोई फिर भी नया तजुर्बा बाक़ी ना रह जाए…
मैंने तंज़ ये दुश्मन-ए-जाँ के तो मुस्कुरा के सह लिए है मगर
देखना अपनो के दिए कोई घाव जिस्म पे बाक़ी ना रह जाए…

Best Gulzar Shayari In Hindi

हम आशा करते है की आपको हमारे द्वारा बताए गयी Gulzar Shayari in Hindi बहुत पसंद आयी होंगी।  दोस्तों आपको इन शायरिओ में सबसे ज्यादा अच्छी कोनसी Shayari  लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताये। और पोस्ट को  ज्यादा  से ज्यादा लोगो तक शेयर करे।

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